Pitar paksh 2017

5 सितम्बर मंगलवार पूर्णिमा का श्राद्ध
6 सितम्बर बुधवार प्रतिपदा का श्राद्ध
7 सितम्बर गुरुवार द्वितीया  का श्राद्ध
8 सितम्बर शुक्रवार तृतीया – चतुर्थी  का श्राद्ध
9 सितम्बर शनिवार पंचमी  का श्राद्ध
10सितम्बर रविवार षष्ठी   का श्राद्ध
11सितम्बर सोमवार सप्तमी  का श्राद्ध
12सितम्बर मंगलवार अष्टमी  का श्राद्ध
13सितम्बर बुधवार नवमी का श्राद्ध
14सितम्बर गुरुवार दशमी  का श्राद्ध
15सितम्बर शुक्रवार एकादशी  का श्राद्ध
16सितम्बर शनिवार द्वादशी  का श्राद्ध
17सितम्बर रविवार त्रयोदशी का श्राद्ध
18सितम्बर सोमवार  चतुर्दशी तिथि का श्राद्ध
19सितम्बर मंगलवार अमावस्या श्राद्ध

हिन्दू धर्म में पितृ पक्ष को पितरों या पूर्वजों के दिन के रूप में माना जाता है।वर्ष 2017 में पितृ पक्ष 6 सितम्बर से शुरू हो रहे हैं जो अमावस्या तक यानी 19 सितम्बर तक चलेंगे।इन 15 दिनों में लोग अपने पितरों को याद कर पूजा अर्चना करते हैं और उनके नाम पर दान करते हैं, ऐसा करने के पीछे ये मान्यता है कि इन दिनों पितरों के नाम पर जो भी कुछ दान किया जाता है कि वह पूर्वजों की आत्मा को मिलता है।

क्या श्राद्ध में खरीदारी नही करनी चाहिए?

हम अकसर सुनते हैं कि श्राद्ध में खरीदारी नही करनी चाहिए परंतु ऐसा कुछ भी नही है बलिक इन दिनो में तो पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। इसमें खरीदारी से कोई नुकसान नहीं होता है।

श्राद्धों में 8 सितम्बर को दोपहर 12.30 बजे से अमृत सिद्धि योग, 11 सितम्बर को सुबह 9.20 बजे से रवि योग, 12 सितंबर को सुबह 6.15 बजे से सर्वार्थसिद्धि योग,15सितंबर को भी सर्वार्थसिद्धि योग होगा,ऐसे में आप इस बताए गए समय में खरीदारी कर सकते हैं

श्राद्ध करने की विधि

श्राद्ध करने की विधि के बारे में हमारे शास्त्रों में बताया गया है कि दिवंगत पितरों के परिवार में या पुत्र और अगर पुत्र न हो तो पोता,नाती,भतीजा ही पिंडदान कर सकते हैं।

पितृपक्ष में श्रद्धापूर्वक  पिंडदान, अन्नदान और वस्त्रदान करके ब्राह्मणों से विधि विधान से श्राद्ध कराया जाए तो पितर की आत्मा को मोक्ष मिलता है।

ज्योतिष के अनुसार पितृ दोष

ज्योतिष के अनुसार पितृ दोष को कुंडली के मुख्य दोषों में से एक माना जाता है,इस दोष को दूर करने के लिए इन 15 दिनों
में विधि विधान से पिंडदान,अन्नदान और वस्त्रदान आदि करना चाहिए क्योंकि इस तरह से कुंडली में पितृ दोष से निजात पाई जा सकती है।

No Comments

Give a Reply